नमोकार मंत्ररूप मंगलाचरण किस ग्रंथ मे पहले पाया जाता है
संक्षिप्त जवाब:
- Digambar परंपरा के अनुसार, पंच-पद नमोकार (Namokar) मंगलाचरण पहली बार शनकंधगम (Satkhaṇḍāgama) में Puṣpadanta द्वारा रचित मंगलाचरण के रूप में आया था। इसे Satkhaṇḍāgama का मंगलाचरण माना जाता है।
- Śvetāmbara परंपरा में नमोकार मंत्र को व्यापक रूप से मानक पाठ के रूप में स्वीकार किया गया है, और इसे कई ग्रंथों के आरम्भिक भागों में पाया जाता है; लेकिन मंगलाचरण/पंच-नामो का प्रारम्भिक टेक्स्ट-स्तर पर सत्यापन Digambar जैसी एकल कृति के समान स्पष्ट रूप में नहीं मानी जाती। विभिन्न Śvetāmbara स्रोतों में इसे अलग-अलग स्थानों पर उद्धृत किया गया है।
यानी पहली पुष्टि कौन सी ग्रंथ में आई यह परंपरागत रूप से Digambar ग्रंथ Satkhandagama के मंगलाचरण से जोड़ी जाती है, जबकि Śvetāmbara tradition में नमोकार मंत्र का प्रारम्भिक रूप और उसका मंगलाचरण व्यापक रूप से मान्य है, पर उसका एक विशिष्ट “पहला स्रोत” हर उपयोगी ग्रंथ के अनुसार थोड़ा भिन्न दिखता है।