दशवैकालिक ग्रंथ किसने लिखा है
दशवैकालिक सूत्र (दशवैकालिक ग्रंथ) को आचार्य शय्यम्भव ने निर्यूहण किया था (रचना करते समय वे श्रुतकेवली माने जाते हैं)। उन्होंने पूर्वकाल के नैयुक्त (पूर्व विद्वानों) प्रवचनों को मिलाकर यह ग्रंथ तैयार किया।
- मतलब (arth): इसमें साधु-भिक्षा, विनय-समाधि आदि विविध धर्माचार्यों के मार्ग और संध्या-समय की उपयुक्त आचरणों का स्पष्ट विवेचन है।
- Digambar बनाम Shwetambar: दोनों परंपराओं में यह ग्रंथ आचार्य शय्यम्भव को लेखन-निर्यातक मानते हैं; दोनोंही उसे उस समय के पूर्वाचार्यों की निर्यूहण-रचना के रूप में देखते हैं, हालाँकि भाष्य-टीकाओं और पौराणिक-विकल्पों में कुछ भिन्नताएँ हो सकती हैं।
नोट: अगर आप चाहें, तो मैं इस विषय से जुड़ी प्रामाणिक भाषाओं के अंश भी दे सकता/सकती हूँ और विभिन्न परंपराओं के मतों के अंतर को सरल शब्दों में समझा सकता/सकती हूँ।