Generate an uttam mardav quote in Hindi or Sanskrit with meaning
यहाँ एक सरल और उत्तम मर्दव (मर्दव्य) पर आधारित उद्धरण है, जिसे संस्कृत में भी लिखा गया है और हिंदी अर्थ के साथ दिया गया है। यह Jain धम्म की शालीनता, नम्रता और अहिंसा के अनुरूप है।
संस्कृत उद्धरण: मृदु भाषायाः चित्ते नम्रता वर्धते, अहिंसा धर्मस्य आधारः। सत्यं वाक्यमरंभे विनयेन उत्पन्नं, मर्दवमुद्भवते॥
अनुवाद (meaning): 1) कोमल (मृदु) भाषा से चित्त में नम्रता बढ़ती है; अहिंसा ही धर्म का आधार है. 2) सत्य वाणी को विनय के साथ शुरू करने पर, मर्दव (उজ্জ्वल विनम्रता) का उद्भव होता है.
हिंदी रूप: “कोमल शब्दों से दिल में नम्रता बढ़ती है; अहिंसा धर्म की नींव है. सत्य वाणी को विनय से शुरू करने पर, मर्दव (उच्च नम्रता) निखर कर सामने आती है.”
यदि आप चाहें तो मैं इसे एक अलग लय या छंद-रूप में भी बना दूँ, या Digambar/Shwetambar प्रचलन के अनुसार किसी विशेष प्रकार की ध्वनि-रचना के साथ दे दूँ।