प्रश्न 1 :- समवशरण किस शिला पर बनाया जाता है ?
Samavasarana (divine preaching hall) किसी खास शिला पर नहीं बनती; यह देव-शिविर/देव-निर्मित मानवीय नहीं, देवी-देवताओं द्वारा आकाश में निर्मित celestial pavilion है. मुनि महावीर केomniscience (Kevaljnan) के बाद इन्द्र आदि देवगण इस सभा-स्थल को बनाते हैं. केंद्र में अशोक का पेड़ रहता है, चार दिशाओं के लिए चार द्वार होते हैं, और चार-चार द्वारों के बीच गुरुद्भ्य (गणधरा) आदि बैठे रहते हैं. दीवारें अनंत-रत्नों, सोने और चांदी से बनी मण्डित होती हैं। यही समवसरण की सच्ची प्रकृति है: एक दिव्य-सभा तैयार की गई है ताकि सभी जीव उसे सुन सकें.
Note: Digambar/Shvetambar के अनुसार विवरण में कुछ छोटे अंतर हो सकते हैं, पर मूल विचार यही है कि यह एक दिव्या-सभा है जिसे देवलों ने बनाया है, न कि किसी ठोस शिलाओं पर स्थिर भूमि-स्थापना.