तत्वार्थ सूत्र के प्रथम अध्याय में अक्ष का नाम क्या है
तत्वार्थसूत्र के प्रथम अध्याय की शुरुआत सूत्र से होती है: सम्यग्दर्शनज्ञानचारित्राणि मोक्षमार्ग:।
यही पहला अक्षरांश (श्लोक का प्रारम्भिक अंश) है, जिसे पढ़ते हुए मोक्ष का मार्ग तीन रत्नों—सम्यग्दर्शन, सम्यग्ज्ञान और सम्यक्चारित्र—से बनता है। अगर आप चाहें तो मैं पहले अध्याय के श्लोकों के मूल पाठ और उनके अर्थ भी सरल भाषा में बता दूँ।
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