आत्मा का पर्यायवाची
आत्मा का पर्यायवाची शब्द (संस्कृत/हिन्दी में समानार्थक शब्द) जो जैन धर्म में ठीक-ठीक मान्य हैं:
- जीव (jiva) — आत्मा/जीव चेतनात्मक तत्व।
- आत्मा (ātma) — स्वयं वही शब्द है, पर पर्याय स्वरूप भी प्रयोग होता है।
- जीवात्मा (jīvātmā) — विशेष कर जीव-स्वरुप आत्मा को स्पष्ट करने के लिए।
नोट:
- जैनमत में आत्मा और जीव एक ही सिद्धान्त का नाम है (चेतन पदार्थ), जबकि पदार्थ (पदार्थ) के कारण असत्य/बुद्धि नहीं होते; पुद्गल (पदार्थ) निराकार matter है जिसे आत्मा से भिन्न माना जाता है।
- Digambar/Shwetambar दोनों में उपरोक्त शब्द सामान्य ही उपयोग होते हैं; कोई बड़ा भेद नहीं है, सिर्फ धारणा-प्रकाश में सूक्ष्म विवेचन हो सकता है।
कथ्य सार: आत्मा/जीव एक चेतन तत्व है, जो नित्य, आत्म-स्वरूप, और bondage-रहित परमात्मा के मार्ग पर प्रगति कर सकता है।