Shwetamber sect Shantinath Bhagwan 10th भव
संक्षेप में बात:
- शांतिनाथ भगवान श्वेताम्बर (श्वेताम्बर) परंपरा के अनुसार 16वाँ तीर्थंकर हैं, वर्तमान युग के 16वें उद्धारक मनाये जाते हैं। यह खुद एक अलग जन्म नहीं है; वह 16वाँ तीर्थंकर है। ( en.wikipedia.org)
- अगर आप “10th भव/10वीं जन्म” कह रहे हों, तो शास्त्रों के अनुसार शांतिनाथ की 10वीं जन्म Meghrath (मेघरथ) था — एक दयालु राजा, Hastinapur के अश्वासनिक Ikshvaku वंश का राजा। Meghrath के रूप में यह जन्म उनके कल्याणक की कथा में दर्ज है; इसके बाद वेdiksha लेकर तीर्थंकर बने और अंत में मोक्ष पाए। यह कथा शुद्ध रूप से शांतिनाथ की पूर्व जन्मों की कथाओं में आती है। ( jainmuseum.com)
- परंपरा में अंतर: Digambar और ŚvetāmbaraTraditions में कुछ जन्मकथाओं के विवरण अलग हो सकते हैं, पर शांतिनाथ का Hastinapur में जन्म, Ikshvaku वंश, और 16वाँ तीर्थंकर होना सामान्य समंजस्तर है। मुख्य सार में भेद बहुत अधिक नहीं होता।
सार-arth (शब्दों में सरल):
- शांतिनाथ = 16वाँ तीर्थंकर; जन्म Hastinapur में Vishvasena/Acira वंश के राजकुमार के रूप में।
- उसकी 10वीं जन्म Meghrath थी: एक दयालु राजा, Hastinapur का चक्रवर्णी राजा, फिर धर्मगुरु बने।
नोट: अगर आप चाहें, मैं शांतिनाथ के जन्म-कल्याणक (Garbha Kalyanak), जन्म तिथि, आदि धर्मग्रंथों के मानक संज्ञाओं के साथ एक छोटा सार-चित्र भी दे सकता हूँ।