पार्श्वनाथ भगवान के कितने भव हुए
पार्श्वनाथ भगवान के बारे में पारंपरिक जैन धरोहर के अनुसार उनका जन्म एक-Tirthankar बनने तक कुल 10 जन्मों में माना जाता है: उनकी नौ पूर्व जन्मों के बाद उन्होंने पारा-श्वपति बनकर धर्म-प्रचार किया और अंततः अभय प्राप्त कर मोक्ष moksha पाया। यानी नौ पूर्व जन्म और एक मोक्ष-योग्य वर्तमान जन्म—कुल 10 जन्मों की कथात्मक गाथा है। दोनों प्रमुख संप्रदाय (दिगम्बर और श्वेतांबर) में यह धारणा सामान्यतः समान मानी जाती है, जबकि पूर्व जन्मों के विवरण और कहानी में कुछ वृत्तांतों में सूक्ष्म भिन्नताएं मिलती हैं।