चातुर्मास में पानी का काल
चातुर्मास (monsoon काल) में पानी के उपयोग पर पारंपरिक नियम यह है:
- विशेष उपवास/एकासन (ekasana/upvas) के समय पानी पानी को boil करने के बाद एक प्राहर (लगभग 3 घंटे) के भीतर ही लेना चाहिए, ताकि जल में नया जिव-जीव बनना कम हो और अहिंसा बनी रहे।
- सामान्य, दैनिक जीवन में कुछ समुदाय 24 घंटे तक पानी लेकर चलते हैं अगर उसे अच्छी तरह ढका और साफ रखा जाए; पर चातुर्मास जैसी कठोर साधनाओं के दौरान 3 घंटे की नीति ही अधिकतर प्रचलित मानी जाती है।
- कुछ सख्त संप्रदाय या गर्म climates में समय_BOUNDary 6–12 घंटे तक जाने की बात भी सुनी जाती है; पर यह पारंपरिक प्राथमिकता 3 घंटे ही मानी जाती है।
Digambar बनाम Shwetambar में मूल धारणा यही रहती है: चातुर्मास के कठोर काल में 3 घंटे की सीमा की पालन अधिकतर होता है, लेकिन स्थानीय गुरु/संगठन के अनुसार थोड़ा अंतर संभव है।
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नोट: अगर आप अपनी मंडली/गुरु के अनुसार सही समय चाहें, तो स्थानीय आचार-परम्परा पूछना उचित रहेगा।