आचार्य भद्रबाहू सूरी ने कालधर्म होने के पहले कौनसे सूत्र की रचना की?
संक्षेप में उत्तर: कालधर्म होने से पहले रचना Kalpa Sutra (कल्पसूत्र) की बताई जाती है, जिसे आचार्य भद्रबाहु के नाम से परंपरा में जोड़ा गया है। Śvetāmbara परंपरा में यह ग्रन्थ भद्रबाहु द्वारा रचित माना जाता है और महावीर और अन्य तीर्थंकरों के जीवन-वृत्तांत के साथ साधु-चर्या के नियम भी देता है। Digambar परंपरा में Kalpa Sutra को.scriptural canon नहीं माना जाता, इसलिए उनकी दृष्टि से इसकी स्थिति अलग हो सकती है। ( jainknowledge.com)