वे कौन से मुनिराज हैं जिनको देवों ने नगर बसा कर आहार कराया था
यह कथा ऋषभदेव (आदिनाथ) मुनि की है.
- देवों ने नगर आयोध्या बनवाकर वहां जन्म कल्याणक और दीक्षा कल्याणक का आयोजन किया था, और उसी अवसर पर आहार का आयोजन भी किया गया था। इस नगर में ऋषभदेव का गर्भ, जन्म और दीक्षा की घटनाएं दर्ज हैं। इसलिए जो मुनिराज इस प्रसंग में mentioned हैं, वे मुनि-राज ऋषभदेव (आदिनाथ) हैं। कुछ जैन साहित्य में Ayodhya का उल्लेख कई तिर्थंकरों के जन्म स्थान के रूप में भी मिलता है, पर इस विशेष देव-नगर-आहार की कथा ऋषभदेव ही से जुड़ी प्रमुखपंक्ति मानी जाती है।
- विभेद बताते हैं: Digambar और Shwetambar traditioन में इस कथा के विवरणों में स्थान-स्थान पर.pointerita भिन्नताएं हो सकती हैं, लेकिन वस्तुस्थिति वही है कि आयोध्या देवों द्वारा बसाया गया नगर था और ऋषभदेव को आहार-चरण जैसी परंपराओं के साथ सम्मानित किया गया।