जैन संत के सामने आदर पूर्वक जाना क्या कहलाता है
जैन संत के सामने आदरपूर्वक जाने को आम तौर पर कहा जाता है “प्रणाम” या “नमन” करना। इसे आप सीधे खड़े रहते हुए हाथ जोड़ कर या चरण स्पर्श/झुककर करते हैं, ताकि संत को उनका आशीर्वाद और अध्ययन-चित्त मिल सके। यह दोनों प्रमुख जैन संप्रदाय (श्वेतांबर और Digambar) में समान रूप से मान्य है।