श्री कल्पसूत्रजी में कितने अधिकार हैं
कल्पसूत्र में कुल तीन अधिकार (adhikar) माने जाते हैं:
- जिन चरित्राधिकार (Jina Charitra)
- स्थविरावली (Sthavira-Avalli)
- साधु समाचारि (Sadhusamachari)
इन तीनों की क्रमशः विषय-वस्तु महावीर और अन्य तीर्थंकरों के चरित्र-वृत्त, समाज-संस्कार और साधु-समाचारि नियमों पर केंद्रित हैं। Digambar और Shwetambar परंपराओं में इन अधिकारों की मौलिक परिकल्पना एक समान है, लेकिन भाषा-संस्करण और पाठ-संरचना में कभी-कभी छोटे भिन्नताओं का उल्लेख मिलता है।