भगवान महावीर के साथ कितने उपसर्ग हुए
संस्कारों (upsargas) का एक ही निश्चित गिनती सब ग्रंथों में समान नहीं है। अलग-अलग जैन परम्पराओं और पाठों में महावीर के Upsargs की संख्या अलग-अलग बताई जाती है।
- एक प्रमुख और अक्सर उद्धृत संख्या है: 16 महा उपसर्ग (Solah Maha Upsarg)। इनमें Chandkaushik नाग, Chandana/Chanda, Sangam आदि प्रमुख उपसर्गों के समान कई घटनाएँ समाहित मानी जाती हैं। ( jainknowledge.com)
- कुछ ग्रंथों में उपसर्गों की संख्या 13 के रूप में भी दी जाती है (या अन्य विविध सूचियाँ भी मिलती हैं)। इसलिए सही संख्या के लिए विशेष ग्रंथ-परंपरा का संदर्भ देखने की जरूरत होती है। ( mahavirvachan.com)
संकेत मात्र: उपसर्ग बताने का उद्देश्य महावीर प्रभु की स्थिरता, क्षमाशीलता और ऐहिंसा के उच्च आदर्शों को दिखाना है—कि कितने भी विपत्तियाँ आयें, उन्होंने समत्व बनाए रखा।