भगवान महावीर को मिला सन्मानी का उपसर्ग कौन से नंबर का उपसर्ग था
संक्षेप में: भगवान महावीर को मिला सन्मानी/षम्माणि उपसर्ग 13वां उपसर्ग था।
विस्तार: 13वां उपसर्ग (षम्माणि) ग्वाले के द्वारा किया गया कान में कील ठोंकने वाला उपसर्ग है; यह घटना महावीर जी के तप के समय हुई थी और यह उपसर्ग उनके दैनंदिन दृढ़ स्थिरता और करुणा के परीक्षण के लिए माना गया है।
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