अष्ट पाहुड के रचियता कोन है ?
अष्ट पाहुड (Ashta Pahuda) के रचयिता आचार्य कुन्दकुन्द (Kundakunda), जिन्हें तत्कालीन जैन परम्परा में पाद्म नंदी के नाम से भी जाना जाता है। यह eight (आठ) भागों वाला द्रव्य-ज्ञान-परक ग्रंथ मानी जाती है, जो दिगंबर परंपरा में प्रमुख माना जाता है। खास तौर पर Digambar परंपरा में इसे आचार्य कुन्दकुन्द द्वारा रचा गया माना जाता है; श्वेतांबर परंपरा में भी इसे कुन्दकुन्द से सम्बद्ध मान्यता सामान्य है, किन्तु पाठ-व्याख्या में कुछ स्थानों पर छोटे भेद देखे जाते हैं।
यदि आप चाहें, मैं इस ग्रंथ के Digambar/Shwetambarutra के अनुसार अलग-अलग अवतरणों या वैचारिक भिन्नताओं के बारे में सरल शब्दों में बता सकता हूँ।