चार महीने तक किस तीर्थंकर ने तपस्या की
महावीर स्वामी ने अपने साधु जीवन में चार महीने की तपस्या (चातुर्मास) बार-बारury- की थी, यानी वे इस तपस्या के प्रमुख उदाहरण हैं। उनके जीवन के कई चातुर्मास राजगृह (राजगीर) के आस-पास रहे, जिनमें 32वें चातुर्मास के स्थान का उल्लेख ग्रंथों में मिलता है। इससे स्पष्ट है कि चार महीने की तपस्या महावीर ने कई बार की थी। ( jainknowledge.com)
नोट:
- चातुर्मास (चार माह की वर्षा ऋतु तपस्या) सभी द्विधर्मी परंपराओं में महावीर के समय से मान्य रहे हैं; दिगंबर और श्वेताम्बर दोनों परंपराओं में इसे ही मान्य माना गया है, भिन्न-भिन्न ग्रंथों में स्थान-समय के विवरण में थोड़े भिन्न तथ्य मिलते हैं।
- pavapuri/राजगृह आदि स्थानों पर महावीर ने चातुर्मास किया और उनके उपदेश जारी रहे; यह विवरण जैनग्रंथों और परंपराओं में संगठित है। ( jainknowledge.com)