Avashyak hote Hain
Avashyak का मतलब है “आवश्यक/ज़रूरी”।
जैन धर्म में यह शब्द अक्सर इन दो संदर्भों में इस्तेमाल होता है:
- किसी कर्म, अभ्यास, या आगम के सच में आवश्यक होने को दर्शाने के लिए (उदा., कुछ नैतिक-आचरण या साधना जिन्हें छोड़ना संभव नहीं माना जाता)।
- वह चीज़ जिसे श्रद्धा-विश्वास, ज्ञान औरconduct जैसे मूल पथ की सुदृढ़ता के लिए अनिवार्य माना गया हो।
अगर आप किसी खास शब्द-स्त्रोत, सूत्र, या दशा (जैसे प्राचीन ग्रंथों में अवश्य/आवश्यक कर्म, या lay/sannyasi के अवश्यक आचार) के बारे में पूछना चाहें, तो बताइए। मैं उसी के अनुसार सटीक जैन शास्त्रों का अर्थ और सही पाठ प्रस्तुत कर दूँगा।