I need short version of shanti vidhan for Digambar jain
Digambar Jain में Shanti Vidhan कई प्रकार के होते हैं; सबसे सामान्य छोटा (Laghu) Shanti Vidhan का सार नीचे दिया गया है। यह Digambar परंपरा के लिए प्रयुक्त शांतिपाठ का संक्षिप्त रूप है, जिसमें आरंभ में ध्यान-आरती के साथ भगवान Arihant/Siddha/Sidhi आदि को प्रणाम कर शांति की प्रार्थना की जाती है, फिर सब के कल्याण की कामना की जाती है।
संक्षिप्त शांति विधान ( Digambar, Laghu Shanti Vidhan का सामान्य सार )
- प्रणाम: Arihant, Siddha, Acharya, Upadhyaya और सभी Sadhus की जय-जयकार कर उनका सम्मान करें।
- शांति के लिए विनती: सभी जीवों के लिए शांतिप्राप्ति की प्राथना करें; मन, वचन, कर्म से शांति बने।
- सबके कल्याण की कामना: विश्व-शांति, समाज में सद्भाव, अहिंसा और धर्म की स्थिरता की प्रार्थना करें।
- समाप्ति: सभी जीवों के सुख-शांति की मंगलकामना के साथ पाठ समाप्त करें।
ध्यान दें
- Digambar और Shwetambar में शांति विधान के शब्दों में भिन्नता हो सकती है; छोटे पाठ अक्सर स्थानीय गुरु या मंदिर के अनुसार बदले जाते हैं, इसलिए अपने क्षेत्र के विशिष्ट Laghu Shanti Vidhan को वही पढ़ना ठीक रहता है।
- यदि आप चाहें, मैं आपके लिए किसी विशिष्ट पाट (Laghu Shanti Vidhan) का Digambar संस्करण खोजकर दे सकता हूँ या कोई एकदम छोटा पाठ तैयार कर दूँ।
अगर आप चाहें, मैं Digambar Laghu Shanti Vidhan की एक ठोस कड़ी (संदर्भ सहित) बताने वाला पन्ना भी ढूंढ़कर दे सकता हूँ।