Did Jainism. Start with rishabhdev
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हाँ. Jain धर्म में शुरुआती तीर्थंकर रिषभदेव (रिषभनाथ) को पहला तीर्थंकर माना जाता है। वे आदिनाथ के नाम से भी जाने जाते हैं, और दोनों परंपराओं—दिगम्बर और श्वेताम्बर—में उन्हें धर्म восстановления और जैन आचार-उपदेश का आरम्भकर्ता माना जाता है। उनकी कथा और शिक्षाएं अधिकांश जैन ग्रंथों में मूल संरचना बनाती हैं।
आसान सार:
- रिषभदेव/आदिनाथ:first तीर्थंकर
- यह समग्र जैन दर्शन का आरम्भिक लक्ष्य और आधार हैं
- दिगम्बर और श्वेताम्बर दोनों परंपराओं में समान रूप से सम्मानित