vidhi of shreni tap
श्रेणि तप (Shreni Tap) एक घरस्थ (shrāvak) द्वारा किया जाने वाला कठोर तप है जो राजा श्रेणिक (बंसी राजा) के आराधना से प्रेरित माना जाता है। इसका उद्देश्य आत्म-शुद्धि और वैराग्य-वर्धन है। नीचे सामान्य vidhi/क्रम दिया गया है, जो प्रचलित पाठों में एक प्रकार से स्वीकार्य माना जाता है; हर शाखा में थोड़े भिन्न विवरण मिलते हैं, इसलिए Digambar–Shwetambar पर भी भिन्न-भिन्न व्याख्याएँ सामने आती हैं।
Shreni Tap की सामान्य vidhi (क्रम)
- कुल चरण: 6 श्रेणियाँ (6 शreni) प्रसिद्ध मानक रूप में गिनी जाती हैं।
- उपवास-पाली: पहली श्रेणी में 1 उपवास (परणा) से शुरू, फिर 2 उपवास के साथ पारणा; फिर 3 उपवास के साथ पारणा; फिर 4 उपवास, और इसी प्रकार क्रम से बढ़ते हुए 6वीं श्रेणी तक पहुँचना।
- कुल उपवास-पारणा: इनमें कुल 110 दिन का तप माना जाता है (83 उपवास + 27 पारणा), और इसके दौरान साधक परणा-आहार का पालन करते हैं। उपवास के साथ दिन-प्रतिदिन pratikraman, स्वाध्याय, शांत-चिन्तन आदि भी संचालित रहते हैं।
- पारणा-परंपरा: हर बढ़ती श्रेणी में उपवास की संख्या बढ़कर पारणा के साथ किया जाता है—यानी पहले एक उपवास, फिर दो, फिर तीन, आदि; अंत में पारणा के दिन आते हैं।
- आचार-आचरण: तप के पूरे काल में अहिंसा, सत्य, ब्रह्मचर्य, अपरिग्रह आदि योग-आचार का भी पालन किया जाता है; जल-निवारण, समय-शुद्धि और स्पष्ट विचार-विन्यास रखे जाते हैं।
धार्मिक-परंपरा अनुसार भिन्नता
- Digambar बनाम Shwetambar पर व्याख्या में सूक्ष्म भिन्नताएँ हो सकती हैं: कुछ संप्रदायों में चरणों की गिनती या parna के प्रकार में मामूली भिन्नता मिलती है, पर मूल उद्देश्य—वैराग्य, तपसिक्ता, आत्म-शुद्धि—यही रहते हैं।
- अगर आप किसी विशेष संप्रदाय की ठोस vidhi चाहते हैं, तो स्थानीय मुनि/आचार्य से निर्देश लेना उचित रहता है।
आप चाहें तो इसमें से किसी खास भाग (जैसे 6 श्रेणियों की पूरी क्रमसूची या दिन-दर-दिन उपाय) का स्रोत-सार भी दे सकता हूँ। अधिक स्पष्ट विवरण के लिए आप नीचे दिए लिंक से पढ़ सकते हैं: