uttam satya quote in hindi
जैन धर्म में सत्य (Satya) मोक्ष के मार्ग में एक मुख्य नैतिक सिद्धांत है। सत्य एक महाव्रत/महाव्रतों में से एक है और साधु-सन्यासियों के लिए मार्गदर्शक नैतिक कसौटी बनता है। नीचे एक सरल हिंदी उद्धरण/विचार दिया गया है जो “उत्तम सत्य” के भाव को दर्शाता है:
- उद्धारक विचार (हिंदी में): “उत्तम सत्य वही है जो विनय, विवेक और अहिंसा के साथ बोले जाए; जिसकी प्रेरणा कभी अहंकार या दूसरों को हानि पहुँचाने से नहीं जुड़ी हो।”
संक्षेप में:
- सत्य बोलना चाहिए, पर साथ ही उसे विवेकपूर्वक, समय और परिस्थिति के अनुसार बोलना चाहिए।
- सत्य के साथ अहिंसा और मैत्रीभाव रखना अनिवार्य है।
- Digambar और Shwetambar दोनों परंपराओं में सत्य के अर्थ और प्रयोग में कुछ वैचारिक अंतर हो सकते हैं, पर मूल धारणा यही है कि सत्य धर्म के अनुरूप और बिना किसी की हानि के बोला जाए।
अगर आप चाहें, मैं Digambar या Shwetambar परंपरा के अनुसार खास sutra/श्लोक (अगर उपलब्ध हों) और उनका शुद्ध पाठ हिंदी अनुवाद के साथ दे दूँ।