33 sadhu kis tirthankar ke sath Moksh me gaye
नीचे साफ-साफ बात समझ लीजिए:
- Jain धर्म में Moksha (मोक्ष) हर आत्मा की व्यक्तिगत liberation है। एक तिर्ठंकर अपनी मोक्ष की स्थिती प्राप्त करते हैं, और उनके साथ कभी-कभी अनेक muni-sadhus भी उपस्थित होते हैं, लेकिन “33 साधु” के साथ किस तिर्थंकर का खास योग है—यह एक निश्चित, सार्वभौमिक संख्या नहीं मानी जाती।
- कुछ प्रसिद्ध उदाहरणों में:
- Digambar और Śvetāmbara traditions में भी मोक्ष, साधु-संलग्नता आदि पर कुछ कथानक भिन्न होते हैं, पर मूल बात यही है कि मोक्ष एक आत्मा का स्वतंत्र सत्य है और साथ में कितने साधु थे, इसकी एक निश्चित संख्या-scriptural consensus नहीं है।
संक्षेप में: 33 साधु के साथ किस तिर्ठंकर का मोक्ष, यह एक विशिष्ट, सार्वभौम-मान्य घटना नहीं मानी जाती। अगर आप किसी विशेष कथा/स्थल (जैसे पार्श्वनाथ का Sammed Shikharji, महावीर का Pavapuri आदि) के बारे में जानना चाहें, तो बता दें—मैं उसी पर स्पष्ट, पारंपरिक arth दे दूँगा।
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