भगवान पार्श्वनाथ के अष्टम तप का पाraन कहां हुआ
Paarśva nāth के अष्टम तप (Attam tapa) के स्थान के बारे में Jain परंपरा में विभिन्न कथन मिलते हैं, एक ही जगह के बारे में सबसे स्पष्ट, निर्णायक प्रमाण नहीं है। यानि यह स्थान Tradition‑to‑Tradition बदल सकता है.
- कुछ स्रोतों के अनुसार अष्टम तपParshvanath का Mirpur (पौष Dashami के दिन) के पार्श्वनाथ तीर्थ, सिरोही (राजस्थान) में माना गया है। यहां आचार्य‑आनुष्ठान के साथ अट्टम तप की आराधना की जाती है।
- दूसरी परंपरा Bareilly‑Ram Nagar के इलाके में पार्श्वनाथ ने तप साधना की मान्यता बताती है।
Digambar और Shwetambar परंपराओं में भी तप की घटनाओं के अर्थ और स्थान में कभी‑कभी भिन्न व्याख्या मिलती है, परंतु दोनों दृश्य में अष्टम तप की महत्ता और आत्म‑कल्याण की प्रेरणा वही रहती है।
अगर आप चाहें, मैं इन कथनों के स्पष्ट संदर्भ बताकर एक‑एक जगह के प्रमाणना (कथन) हिंदी में संक्षेप में दे दूँ।