कल्पसूत्र में सेवको के लिए कौन सा शास्त्रीय शब्द आया है
कल्पसूत्र में सेवकों के लिए शास्त्रीय शब्द भृत (भृत/भृतक) माना गया है। भृत = सेवक, अटेंडेंट आदि; भृतक = hired/paid servant की संकेत देता है। इन शब्दों का प्रयोग प्रायः आचार-व्यवहार या दास-वर्ग के संदर्भ में मिलता है। साथ ही भिन्न-भिन्न संदर्भों में “श्रावक/श्राविका” जैसे शास्त्रीय शब्द lay followers के लिए भी आता है, पर सेवक-सम्बंध के लिए मुख्य शास्त्रीय शब्द भृत भृतक ही ठहरता है। ध्यान रहे कि Digambar और Svetambar परंपराओं में मूल अर्थ वही रहता है, लेकिन भाषा-उच्चारण या प्रयोगस्थल में लहजा भिन्न हो सकता है।