सर्वतोभद्र बंध काव्य कला में मुनिश्री नियमसागर जी महाराज ने किस ग्रंथ की रचना की ?
कथन-सार: सर्वतोभद्र बंध काव्य कला में मुनि नियमसागर जी महाराज ने विद्याष्टकम् नामक ग्रंथ की रचना की है। इसे उन्होंने आचार्य विद्यासागर जी महाराज के प्रति श्रद्धावनत होकर प्रकाशित किया और इसमें विद्याष्टकम् चित्रालंकार के जरिए सर्वतोभद्र बंध का प्रयोग करता है। यह महाजनक और शुद्ध दीर्घ-kāvyā प्रकार है जो Digambar परम्परा के अनुसार रचा गया माना जाता है।