Kya goutam buddh bhi prarambh me parshvnath ki parampara ke hi digambar sant bsne the
संक्षिप्त उत्तर: नहीं।
- गौतम बुद्ध Digambar Jain Sant/monk नहीं थे. जैन धर्म और बौद्ध धर्म दो अलग साधन-पथ हैं, उनके संकल्प, शिक्षाएं और गुरु-परंपराएं अलग-थलग हैं.
- पार्श्वनाथ जैन धर्म के एक तीरथंकार (23वें या 24वें, मत-परंपरा के अनुसार थोड़ा भिन्न) हैं और पार्श्वनाथ की परंपरा Digambar और Shwetambar दोनों तरफ मान्य है. बुद्ध का जन्म और शिक्षा नेपाली-भारतीय सांस्कृतिक-पारिवारिक संदर्भ में बौद्ध परंपरा से जुड़ी है, Jain परंपरा से सीधा संबद्ध नहीं मानी जाती.
- कई विद्वान यह मानते हैं कि आद्य-काल में दोनों धर्म एक-दूसरे के प्रभाव में थे, परंतु बुद्ध ने एक स्वतंत्र मार्ग स्थापित किया और Jain परंपरा की पारंपरिक तिथियों/उच्चारणों के अनुसार वे Digambar (या किसी Jain संप्रदाय) के संत नहीं माने जाते.
अगर आप चाहें, मैं Jain-संस्करण के आधार पर Parsva या Buddha से संबंधित Dharma-arth और विभाजन स्पष्ट कर सकता हूँ.