Hasta likhit pithi no ek prakar
एक prakar: Hasta likhit pithi (पल्म पत्ती पर हाथ से लिखा गया पाठ).
Arth (artha): "Hasta" = हाथ से, "likhit" = लिखा हुआ, "pithi" (पत्ति) = पत्तियों/पत्ती से बनी सामग्री। इसका मतलब है कि प्राचीन जैन साहित्य को palm leaves (पल्म पत्ती) पर सूखी पत्तियों को साफ़ करके, आकार दे कर और लकड़ी/लोहे की स्टाइलस से लिखकर संरक्षित किया गया पाठ। ऐसी पत्तीयों पर लिखने की परंपरा सबसे पुरानी manuscripts-परंपरा में प्रमुख थी, और बाद में इनको सुरक्षित रखने के लिए मोथा-बद्ध (सूत्र/सूची) बनाया जाता था।
- यह पद्धति Digambar/Shwetambar दोनों के समय निष्कर्षित पाठों के संरक्षण के लिए सामान्य थी, पर अलग-अलग स्कूलों में पत्तियों की बनावट, लेखन शैली और संग्रह की परंपराएं थोड़ी भिन्न हो सकती थीं।