Chhadhala ke rachaita
छहढाला के रचयिता (rachaita) के बारे में पारंपरिक मान्यता है:
- मुख्य रचयिता: Pt. Daulatramji (पहले संस्करण के लेखक के रूप में प्रसिद्ध)।
- बाद के संस्करण/भाष्य-टीकाओं: Pt. Daulatramji (II) और Pandit Budhajan जैसे विद्वानों द्वारा भी उद्धृत/संशोधित रूप मिलते हैं।
ध्यान दें:
- Sixdhala (छहढाला) एक प्रमुख जैन शास्त्र है और इसे दौलतरामजी के लेखन के रूप में स्वीकार किया जाता है, जबकि इसके कई टीका-टिप्पणियाँ और संस्करण बाद में अन्य विद्वानों ने जोड़े या संशोधित किए हैं।
- कुछ पाठों में Digambar और Shwetambar परंपराओं के अनुसार टीका-व्याख्या में छोटे-मोटे भेद मिलते हैं, लेकिन मूल रचना और लेखक के बारे में प्रामाणिक मान्यता यही है कि Daulatramji प्रथम लेखक हैं, और अन्य विद्वानों ने उनके उद्धरण या टीका जोड़े।
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