तत्वार्थ सूत्र में आगत कृत्स्न' शब्द का क्या अर्थ होता है ?
“agata-kṛtsnā” (आगत्-कृत्स्ण) शब्द तत्त्वार्थ सूत्र में आने वाले शब्द-समुच्चय के रूप में आता है। साफ-सीधे अर्थ इस प्रकार समझे जाते हैं:
- aggregately/पूर्ण रूप से आने वाला (agata): आने वाला, प्रवेश करने वाला, पहुँचने वाला।
- कृत्स्ण (kṛtsnā): पूर्ण, समग्र, सभी प्रकार के।
इस प्रकार “agata-kṛtsnā” का सामान्य अर्थ होता है—“पूर्ण रूप से आने वाला” या “समग्र आगमन/आयम”। यह शब्द नीचे दिए अर्थ-प्रसंगों में प्रयुक्त हो सकता है ताकि समग्र घटनाक्रम का एकತ್ವ दर्शाया जा सके (जैसे जन्मों-ख़ुराक karmā-आगम आदि के पूर्ण प्रकार).
ध्यान दें:
- तत्त्वार्थ सूत्र में ऐसे संयुक्त शब्द कई बार संकल्पनात्मक रूप से karmā-आगम, जिव-आगम आदि के समग्र आयाम को संकेत करते हैं।
- Digambar और Śvetambar दोनों परम्पराओं में शब्द के मूलाधार वही रहते हैं, परन्तु अर्थ-व्याख्या में कुछ सूक्ष्म भेद संभव हो सकता है।
अगर आप चाहें, मैं इसे स्रोत-शब्दों के साथ और सरल उदाहरणों के साथ और साफ-साफ explain कर दूँ। आप मुझसे और बात चाहेंगे?