तत्वार्थ सूत्र में आगत कृत्स्न' शब्द का क्या अर्थ होता है ? (अ) सम्पूर्ण (ब) अधिकांश (स) एक (द) उपयुक्त सभी
संक्षेप में अर्थ: सम्पूर्ण।
व्याख्या:
- आगत (aagat) सामान्यतः “आगमन/आगत” के भाव को दर्शाता है। किताब-खास तौर पर तत्त्वार्थ सूत्र में kritsna (कृत्स्न) का अर्थ “पूर्ण/सम्पूर्ण” लिया गया है। इस प्रकार आगत कृत्स्न का मतलब है “पूरा/सम्पूर्ण”।
- दोनों परंपराओं (दिन्गम्बर और श्वेतम्बर) में यह अर्थ लगभग समान माना जाता है, यानी यह शब्द पूर्णत्व को व्यक्त करता है, न कि मात्र एक भाग या कुछ मात्रा।
ध्यान दें: अगर आपको Digambar बनाम Shwetambar के अलग-अलग अनुच्छेद/अनुवाद देखने हों तो मैं बताकर साफ-साफ वेभेद भी बता सकता हूँ।