जैसे जैन आयुर्वेदिक ग्रंथ कल्याणकारक की रचना आचार्य उग्रादित्य ने की थी। उसी तरह अन्य आचार्यों जैसे पुण्याचार्य, वाघदेव, सिद्दसैन, मट्टाद, सिंहनाद ने किन वैद्यक ग्रंथों की रचना की?
यह विषय जैन दार्शनिक-वैद्यकीय साहित्य से जुड़ा है और सही ग्रंथ-संस्थाओं के नाम और रचनाओं की पुष्टि के लिए विश्वसनीय जैन स्रोतों से जाँच करना जरूरी है। मेरे पास इन आचार्यों के उन विशिष्ट वैद्यक ग्रंथों की संपूर्ण और ठोस सूची अभी उपलब्ध नहीं है, इसलिए बिना स्रोतों की पुष्टि के गलत जानकारी देना उचित नहीं होगा।
अगर आप चाहें, मैं सही स्रोतों की जाँच कर के उन आचार्यों के नाम से जुड़े वैद्यक ग्रंथों के सच-Claude शीर्षक और उनकी रचना-स्थिति (उदा. Digambar vs. Shwetambar परंपरा में भिन्न अर्थ) स्पष्ट कर दूँगा—ताकि आप के प्रश्न के अनुरूप ठोस उत्तर मिल सके।