तीर्थंकर भगवान के जन्मोत्सव पर सौधर्म इन्द्र ने कौन सा नाटक किया ? उ.
सौधर्म इन्द्र ने जन्मोत्सव के मौके पर एक नाटक (ड्रामा) किया जिसे वह नाम देता है “अनन्द” (आनंद) का नाटक। इस नाटक में पृथ्वी-लोक ही रंगमंच बना और इन्द्र स्वयं नृत्य-नाटक के मुख्य कलाकार बनकर शो देखते रहे; यह Birth of Tirthankara ऋषभदेव (रिषभदेव) के अवसर पर किया गया एक वैदिक-उत्सव-नाटक था। यह वर्णन कल्पसूत्र के जन्म-कल्याणक प्रसंग में आता है। (सम्भावित विविध परंपराओं के अनुसार दृश्य-कार्य और महत्व में स्थानीय भेद हो सकता है, पर मूल विचार यही है: जन्मोत्सव का आनंद अत्यंत विशाल आकाश-भूमि तक मनाया गया।)