Ratnantray vrat 2025
रत्नत्रय व्रत (Ratnatray Vrat) क्या है:
- Ratnatray व्रत तीनों जेन-गुणों की आराधना का व्रत है और इसे भाद्रपद (भादों), माघ और चैत्र माह में किया जाता है।
- तरीका: शुक्ल पक्ष द्वादशी के दिन व्रत धारण करें, भोजन ग्रहण के बाद व्रत शुरू करें और प्रतिपदा (द्वादशी के बाद की पहली तिथि) को पारणा करें। प्रत्येक दिन पूर्ण ब्रह्मचर्य का पालन करें और त्रिकालिक सम्यग्दर्शन-ज्ञान-चारित्रे नमः मंत्र का जाप करें।
- यदि पूर्ण क्रम संभव न हो तो भी वैकल्पिक विधि चलती है: त्रयोदशी, चौदशी और पूर्णिमा के अनुसार उपवास या आहार-त्याग करें; 13, 14, 15 तिथियों तक उपवास करें और पारणा के दिन ब्रह्मचर्य आदि रखें।
- यह व्रत तीन दिनों के भीतर पूरा किया जाना चाहिए, और गिनती के अनुसार हर साल तीन बार यह व्रत आता है।
2025 में किस तिथि को कैसे करें (संक्षेप):
- Ratnatray व्रत भाद्रपद, चैत्र और माघ के शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि पर धारण किया जाता है, और प्रतिपदा को पारणा होता है। हर वर्ष इन तीन महीनों के भीतर क्रमवार व्रत चले हैं। Gregorian calendar में इन महीनों की सुरत-तिथियाँ हर साल चढ़ती-उतरती रहती हैं, इसलिए 2025 के सटीक गGregorian dates आपके स्थानीय पंचांग/कैलेंडर पर निर्भर करेंगे।
- अगर आप अपने स्थान (जहाँ आप रहते हैं) की सटीक तिथियाँ चाहते हैं, तो मैं आपके लिए 2025 के लिए स्थानीय पंचांग के अनुसार सही दिन निकालकर दे सकता हूँ।
अगर आप चाहें, बताइए कि आप किस शहर/क्षेत्र में रहते हैं, मैं 2025 के लिए सटीक Gregorian तिथियाँ निकाल कर दे दूँगा।