Karam ke naam
Karam (Karma) के मुख्य नाम (जैन दर्शन में आठ प्रकार karm) ये हैं:
1) Jnanavarana — ज्ञानावरण: ज्ञान को दीर्घ अंधकार करने वाले कर्म 2) Darsanavarana — दर्शनावरण: समाधि/दर्शन को अवरुद्ध करने वाले कर्म 3) Vedaniya — वेदनाय: सुख-दुख के अनुभव का कारण बनने वाले कर्म 4) Nama-Rupa — नाम-रूप: शरीर-नाम की अवस्था बनवाने वाले कर्म 5) Mohaniya — मोहनीय: मोहमय बनाकर सही-गलत समझ को भ्रमित करने वाले कर्म 6) Ayushya — आयुष्य: आयु-काल की लम्बाई निर्धारित करने वाले कर्म 7) Gotra-karma — गोत्र: जन्म-जाति/गोत्र आदि को निर्धारित करने वाले कर्म 8) Antaraya — अण्तराय: दूसरे आत्मा के प्रयासों में बाधा डालने वाले कर्म
इन कर्मों के कारण जीव के जन्म, आयु, शरीर, ज्ञान-चेतना, सुख-दुःख आदि सब पर प्रभाव पड़ता है। अगर आप चाहें तो हर कर्म का दार्शनिक arth (शास्त्रीय व्याख्या) और Digambar/Shwetambar के अनुसार अंतर भी बताकर सरल उल्लेख कर दूँ।