आचार्य श्री 108 सुमति सागर जी महाराज ke anti sisya ka naam
आपके प्रश्न में “anti sisya” शब्द आम Jain shastra/pravachan में प्रयुक्त नहीं होता. Total context के अनुसार, आचार्य श्री 108 Sumati Sagar Ji Maharaj के प्रमुख शिष्य (successor) के रूप में प्रमुख नाम Sanmati Sagar Ji Maharaj दिखता है, जो उन्हीं की परंपरा के उत्तराधिकारियों में एक थे।
- Sumati Sagar Ji Maharaj (1917–1994) की परंपरा Shanti Sagar Chhani परिवार की मानी जाती है।
- उनका प्रमुख शिष्य और उत्तराधिकारी: आचार्य श्री 108 Sanmati Sagar Ji Maharaj.
अगर आपका मतलब किसी खास प्रश्नसूत्र या धारा से था, तो कृपया स्पष्ट करें—मैं उसी के अनुसार Jain शास्त्रों के अनुरूप स्पष्ट उत्तर दूँगा।