पुदगल द्रव्य में कोनसा गुण नही होता ?
पुद्गल द्रव्य के पास चार गुण होते हैं: स्पर्श ( Sparsha ), रस ( rasa ), गन्ध ( gandha ), रंग ( varṇa )। इन चारों के कारण पुद्गल सूक्ष्म से लेकर स्थूल अवस्था तक अनुभव किया जा सकता है।
जो गुण पुद्गल में नहीं होते, वह है चैतन्य/ज्ञान-गुण ( consciousness, ज्ञान, दर्शन आदि )। पुद्गल अजivo है, इसलिए इसके पास जीव-गुण जैसे ज्ञान, दर्शन, चरित्र आदि नहीं होते।
संक्षेप में:
- पुद्गल के गुण: स्पर्श, रस, गन्ध, वर्ण
- नहीं होते: चैतन्य/ज्ञान/दर्शन आदि जीव-गुण
अगर आप चाहें, मैं इन विषयों पर स्पष्ट श्लोक/उद्धरण भी सरल शब्दों में समझा दूँगी।