प्रश्न 2 :- भगवान महावीर की प्रथम दिव्यध्वनि कोन से नक्षत्र मे
उत्तर: महावीर की Divya-dhvani (दीप्तिमान दिव्य聲) पहली बार श्रावण के अंध पक्ष (black half) के पहले दिन हुई थी, जिस समय nakshatra Abhijit था। अर्थात महावीर की प्रथम दिव्यध्वनि Abbijit Nakshatra के समय जारी हुई मानी जाती है। यह विवरण महावीर के केवलज्ञान के पश्चात् उनके उपदेश के प्रसार से सम्बद्ध पुराणिक लेखों में आता है।
संकेतक artha:
- Divya-dhvani वह दिव्य आत्मध्वनि है जो महावीर ने kevala-jnana प्राप्ति के पश्चात्व प्रवर्तित की।
- वाक्य “श्रावणस्यासिते पक्षे नक्षत्रेऽभिजिति प्रभुः” से अभिजिता (Abhijit) नक्षत्र का संकेत मिलता है।
- Digambar/Shwetambar दोनों परंपराओं में इस घटना के विवरणों में मूल कथन एक समान है; सामान्य रूप से Abhijit Nakshatra का उल्लेख ही मिलता है।
नोट: Abhijit नक्षत्र गणना में 28 नक्षत्रों में से एक मना जाता है और Jainic परंपरा में इसे Divya-dhvani के समय के नक्षत्र के रूप में उद्धृत किया जाता है।