Uttam dharm ke bare me kuch liness
Uttam dharm ya Jain dharm ki mool dharnaen:
- अहिंसा परमोधर्म: सबसे बड़ा धर्म है; हर जीव के प्रति करुणा और हिंसा से दूरी।
- सत्यं परमो धर्मः: सत्य बोलना और सच पर चलना ही जीवन का सर्वोच्च मार्ग है।
- अस्तेय परिग्रह: चोरी नहीं करना, दूसरों के वस्तु-स्वेतों का सम्मान रखना।
- ब्रह्मचर्य: शुद्ध और संयमित जीवन; परमात्मा की ओर एकाग्रता।
- अपरिग्रह: अनावश्यक वस्तुओं से दूरी, सादगी में आनंद ढूंढना।
- सत्य-अहिंसा के साथ अनेकों दृष्टिकोणों को मानना (अनेकांत), विभिन्न पक्षों को समझना और सहिष्णु होना।
ध्यान दें: Digambar और Shwetambar परंपराओं में संवाद और शब्दों के प्रयोग में कुछ भिन्नताएं हो सकती हैं, पर मर्म वही—अहिंसा, सत्य, अस्तेय, ब्रह्मचर्य और अपरिग्रह।