FINANCIAL STATEMENT OF DIGAMBAR
संक्षेप में: Digambar संघ की कोई आधिकारिक “Financial Statement” नहीं होती। Digitambar पंथ में साधु-स्वामी धन-सम्पत्ति से पूर्णतः विमुख रहते हैं, और धन-दान का प्रबंध साधारणतः सामान्य कट्टर-श्रद्धालुओं (lay followers) और गृहस्थों द्वारा किया जाता है ताकि संस्था, मंदिर-परिसर, और धार्मिक गतिविधियाँ चल सकें। इस कारण Digambar संघ का एकीकृत वित्तीय विवरण प्रकाशित नहीं किया जाता।
क्यों ऐसी स्थिति होती है (सार):
- साधु-स्वामी का जीवन निष्कलंक त्याग पर आधारित है; वे धन-संपत्ति से मुक्त रहते हैं।
- दान-स्वीकृति और मंदिर/दिगंबर समुदाय की वित्तीय व्यवस्था आमतौर पर क्षेत्रीय और स्थानीय समाजों के हाथ में होती है।
- वित्तीय सवाल स्थानीय मंदिरों के नोट-लेज़र, दान-पात्र आदि के माध्यम से संचालित होते हैं, न कि एक संघ-स्तर के “फाइनेंशियल स्टेटमेंट” के रूप में।
यदि आप Digambar पर विशेष दस्तावेज़, नियम या दान-शास्त्रों के बारे में कुछ जानना चाहते हैं (जैसे दान की भूमिका, साधु-आचार में धन का स्थान आदि), या Digambar धर्म-संस्थाओं के व्यावहारिक वित्तीय संचालन के बारे में अधिक स्पष्ट जानकारी चाहिए, मैं उन विषयों पर सरल और साक्ष्य-आधारित Jain धम्म-से संक्षेप दे सकता हूँ।
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