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Q: Why female sahebji can’t be acharyaji
AnswerIn Jain tradition, the title Āchārya is usually given to the head of a monastic order who has full authority to guide monks and nuns, maintain discipline, and preserve the lineage.In many Jain traditions, especially among Śvetāmbara Mūrtipūjak communities, a female renunciant may be highly lea... Read More: Why Female Sahebji Can T Be Acharyaji
Q: धर्म की भावना रखने का तात्पर्य केवल किताबों का ज्ञान है या किसे के प्रति दया भावना रखा भी है
Answerधर्म की भावना रखने का तात्पर्य केवल किताबों का ज्ञान रखना नहीं है। जैन धर्म में सच्ची धार्मिक भावना का अर्थ है — अपने आचरण में अहिंसा, दया, करुणा, संयम, क्षमा और आत्मशुद्धि को उतारना।किसी जीव के प्रति दया भावना रखना भी धर्म का बहुत महत्वपूर्ण अंग है।Explanationजैन धर्म में ज्ञान आवश्यक है, लेक... Read More:
Q: आप सामयिकी कर रहे हो ओर उठते ही बत्तमीजी शुरू कर दे आए करने वाले लोगों के लिए कुछ बोले
उत्तरजो व्यक्ति सामायिक जैसी पवित्र साधना करके उठते ही बदतमीज़ी, क्रोध या कटु वचन शुरू कर दे, उसके लिए शांति से इतना कहा जा सकता है:“सामायिक केवल बैठने का नाम नहीं है; सामायिक का भाव उठने के बाद भी व्यवहार में दिखना चाहिए। यदि वाणी में क्रोध और व्यवहार में कठोरता आ जाए, तो हमें फिर से अपने भीतर देखन... Read More:
Q: अच्छी भावना का संकेत माने
Answerजैन धर्म में अच्छी भावना का संकेत यह माना जाता है कि मन में अहिंसा, करुणा, मैत्री, क्षमा, विनय और शुद्ध भाव उत्पन्न हों।Explanationयदि किसी व्यक्ति के मन में ये भाव आते हैं, तो यह अच्छी भावना के संकेत हैं: किसी जीव को दुख न देने की इच्छा सबके प्रति मैत्री और सद्भाव गलती करने वाले को क्षमा करने... Read More:
Q: अगर आप सो रहे हो अचानक नींद खुल जाए और आप फोन खोले जिन महाराज से आपकी मिलने की इच्छा थही उनकी देव लोक का समाचार दिखाए दे तो उस को क्या माने
Answerजैन धर्म के अनुसार इसे कोई निश्चित “संकेत” या “शकुन” मानना उचित नहीं है। इसे शांत भाव से यह समझना चाहिए कि जिन महाराज का आयुष्य पूर्ण हुआ और वे देवलोक गए — यह संसार की अनित्यता का स्मरण कराता है।Explanationआपकी नींद अचानक खुलना और उसी समय फोन पर ऐसे समाचार दिखना संयोग भी हो सकता है। जैन दृष्टि... Read More: