उव्सगघरम स्त्रोत 27गाथा
उवसग्गहरं स्तोत्र – 27 गाथाएँ
उवसग्गहरं स्तोत्र आचार्य भद्रबाहु द्वारा रचित, भगवान पार्श्वनाथ की स्तुति का अत्यन्त प्रभावशाली स्तोत्र है। सामान्यतः हम 7 गाथाओं वाला रूप रोज़ पढ़ते हैं, लेकिन इसका एक विस्तृत रूप 27 गाथाओं वाला भी प्रचलित है, जिसे “उवसग्गहरं 27 गाथा” कहा जाता है।
इस 27 गाथा वाले रूप में –
- भगवान पार्श्वनाथ की महिमा,
- उपसर्गों (कष्टों) के नाश की प्रार्थना,
- धर्म, सम्यग्दर्शन और मोक्षमार्ग की स्तुति
श्वेताम्बर परम्परा में यह विशेष रूप से उपसर्ग‑निवारण, रोग‑शान्ति और बाधा‑नाश के लिए श्रद्धा से पढ़ा जाता है। दिगम्बर परम्परा में भी पार्श्वनाथ स्तोत्रों की महिमा समान है, यद्यपि शब्द‑रूप और गाथाओं की संख्या में थोड़ा अन्तर मिल सकता है।
पूरी 27 गाथाओं का शुद्ध पाठ यहाँ सरल रूप में दिया गया है – आप वहीं से सीधा पढ़ सकते हैं: आप पूरी 27 गाथाएँ यहाँ पढ़ सकते हैं
यदि आप चाहें तो मैं अगली बार 27 में से हर गाथा का बहुत सरल अर्थ भी समझा सकता हूँ, ताकि पाठ के साथ‑साथ भाव भी अच्छी तरह स्पष्ट हो सकें।