About jaiswal jain
“Jaiswal Jain” आम तौर पर एक जैन व्यापारी/वैश्य समुदाय के लिए बोला जाता है, न कि कोई अलग धार्मिक पंथ के लिए। संक्षेप में:
- Jaiswal सिर्फ़ सरनेम है, धर्म नहीं
- Jaiswal उपनाम हिंदू व जैन – दोनों समुदायों में मिलता है। - केवल “Jaiswal” लिखने से कोई व्यक्ति अपने‑आप Jain नहीं हो जाता; असली पहचान उसके श्रद्धा, आचरण और परिवार की परंपरा से होती है, न कि केवल उपनाम से। ( jainknowledge.com)
- Jain धर्म में ‘गोत्र’ या ‘कास्ट’ की वैसी मान्यता नहीं
- शुद्ध Jain दार्शनिक दृष्टि से आत्मा की कोई जाति‑गोत्र नहीं होती – सब जीव समभाव योग्य हैं। - “Jaiswal, Khandelwal, Porwal…” जैसी पहचाने सामाजिक/व्यावसायिक समुदाय हैं, न कि धर्म के भीतर ऊँच‑नीच बताने वाली श्रेणियाँ। ( jainknowledge.com)
- Digambar–Shwetambar दोनों में Jaiswal मिलते हैं
- कुछ Jaiswal परिवार Digambar परंपरा में हैं, कुछ Shwetambar में। - दोनों ही परंपराएँ तीर्थंकर, पंच परमेष्ठी, अहिंसा, सत्य आदि मूल सिद्धांतों को ही धर्म का आधार मानती हैं; “Jaiswal” होना केवल सामाजिक पहचान है, धार्मिक सिद्धांत नहीं।
- Kuldevta / Kuldevi के बारे में
- पूरे “Jaiswal Jain” समुदाय के लिए एक kuldevta तय नहीं है। - हर परिवार या उप‑शाखा की अपनी पारंपरिक kuldevi/kuldevta या सीधे किसी तीर्थंकर (जैसे आदिनाथ, महावीर आदि) की आराधना हो सकती है – यह परिवार, क्षेत्र और परंपरा पर निर्भर करता है। ( jainknowledge.com)
- अगर आप स्वयं Jaiswal हैं और जानना चाहते हैं कि आप Jain हैं या नहीं
सरल तरीका: - घर में कौन‑सा मन्दिर/प्रतिमा/पाठ चलता है? नवकार, पंचपरमेष्ठी, तीर्थंकरों की पूजा होती है या नहीं? - आपके बुज़ुर्ग (दादा‑दादी, नाना‑नानी) खुद को हमेशा से Jain बताते आए हैं या नहीं? - क्या घर में अहिंसा, अंडे‑मांस से बचना, रात का भोजन, चालीसाग आदि जैसी Jain परंपराएँ मानी जाती हैं?
इन बातों से साफ़ हो जाता है कि परिवार की धार्मिक जड़ कहाँ है।
यदि आप चाहें तो अपना
- राज्य/ज़िला,
- परिवार की Digambar या Shwetambar परंपरा,
थोड़ा और पढ़ने के लिए आप JainKnowledge पर उपलब्ध प्रश्न‑उत्तर भी देख सकते हैं: Jaiswal से जुड़े प्रश्नों पर चर्चा यहाँ देख सकते हैं और यहाँ
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