15 names of parmadhami dev in text with reference
संक्षेप में उत्तर:
-जैन आगमों व प्रामाणिक ग्रंथों में “परमाधामी देव के १५ नाम” की कोई मान्य/प्रसिद्ध सूची नहीं मिलती। -अधिकतम यह मिलता है कि परमाधामी देवों के “१५ प्रकार (१५ भेद)” बताये गये हैं, पर उन्हें अलग‑अलग व्यक्तिगत नामों से सूचिबद्ध नहीं किया जाता। -इसलिए मैं आपको १५ निश्चित नाम आगम‑संदर्भ के साथ नहीं दे सकता, क्योंकि ऐसी मानक सूची ही उपलब्ध नहीं है।
परमाधामी देव क्या हैं? (संक्षेप में)
- ये स्वर्ग के एक विशेष वर्ग के देव माने गये हैं।
- जिन जीवों ने:
- इनका कार्य बहुत शुभ नहीं माना जाता; इनका उपयोग/कर्तव्य नरक के जीवों पर अत्यधिक कष्ट पहुँचाना आदि बताया जाता है। ( jainstudy.wordpress.com)
यहाँ “१५ प्रकार” का अर्थ प्रायः १५ श्रेणी/भेद है, न कि १५ देवताओं के व्यक्तिगत नाम (जैसे— इन्द्र, वरुण आदि)।
संदर्भ (Reference)
परमाधामी देव के बारे में साधारण परिचय और जैन दृष्टि से समझने के लिए आप यह उत्तर देख सकते हैं: “Parmadhami dev kese dikhte hai” – JainKnowledge पर Q&A
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इसलिए, “१५ नाम” आगमी प्रमाण सहित देना सम्भव नहीं है, क्योंकि उपलब्ध जैन साहित्य में ऐसी मान्य, सर्वमान्य नामावली नहीं मिलती; केवल १५ प्रकार (प्रभेद) का उल्लेख है।