Garb mai baby ko bhagwan jaise gun mile uske lia kya line bolne chyie
Jain dharm mein “garbh ke liye alag special mantra” nahi hota, lekin सबसे शुभ और सर्वश्रेष्ठ मंत्र – णमोक्कार (णमोकार / नवकार मंत्र) – ही माना गया है. Use रोज़ शांति से बैठकर जपना सबसे अच्छा है.
1. रोज़ ये मंत्र ज़रूर बोलें
(कम से कम 9, 27 या 108 बार – जितना आराम से हो सके)णमो अरिहंताणं णमो सिद्धाणं णमो आयरियाणं णमो उवज्झायाणं णमो लोए सव्वसाहूणं एसो पंच णमोक्कायो सव्वपावप्पणासणो मंगलाणं च सव्वेसिं पधमं हवई मंगलं
Isse mata ka mann bhi shant rahega, aur garbh mein jeev par bhi shubh असर पड़ेगा.
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2. Baby ke liye chhoti si prarthana line
Navkar ke baad aap dheere se aise bol sakti hain:> “हे अरिहंत परमात्मा, > मेरे गर्भ में जो जीव है, उसे आपके जैसे सम्यक दर्शन, सम्यक ज्ञान और सम्यक चरित्र के दिव्य गुण प्राप्त हों, > वह सब जीवों के प्रति अहिंसा, करुणा और संयम से भरा हुआ बने।”
Ya bahut chhoti line chahiye to:
> “हे भगवान, मेरे गर्भ के जीव को आपके जैसे शुद्ध, शांत और संयमी गुण प्रदान हों।”
Roz subah–shaam, shant mann se, बिना डर और लोभ के, बस शुभ भाव से ये बोलना सबसे ज़रूरी है. Jain dharm mein मंत्र से ज़्यादा “भाव” की शक्ति मानी जाती है – जितना शुद्ध भाव, उतना उत्तम संस्कार.
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Garbh ke dauran kaun se Jain mantra ज़्यादा uchit hote hain, is par ek chhota sa lekh bhi hai – aap detail mein yahan padh sakti hain: