कुम्भ કળશ कौन सा कारी माना जाता है in jainism
जैन धर्म में “कुम्भ / कलश” अष्टमंगल में से एक बहुत शुभ चिन्ह है। पूजा‑विधि में जो कलश रखा जाता है, वह सामान्यत:
- ताँबे (ताम्र) का
- या चाँदी का
- या फिर स्टील (स्टेनलेस स्टील) का
माना जाता है।
इनमें से परंपरागत रूप से ताँबे का कलश सबसे अधिक शुद्ध और उत्तम माना जाता है; चाँदी भी बहुत शुभ मानी जाती है। मुख्य बातें:
- कलश में शुद्ध जल भरा जाता है – जो ज्ञान, पवित्रता और समृद्धि का प्रतीक है।
- मिट्टी का कलश भी साधारण पूजा में रखा जा सकता है, पर प्लास्टिक/शीशे आदि का कलश शास्त्रीय रूप से नहीं बताया गया।
अर्थात, जैन परंपरा में “कारी” (धातु/मेटल) के रूप में ताँबा, चाँदी या स्टील का कलश उचित और शुभ माना जाता है।