Namo jinanam Mandir Dekhte Nahin bolane Se Kitna Danda Aata Hai
Sār: Mandir या Jina‑bimba दिखे तो “Namo Jinānāṁ”/Navkar बोलकर नमन करना जैन मर्यादा है; पर “न बोलने” पर किसी निश्चित “दंड (गिनती)” का विधान आगमों में निर्धारित नहीं है—ना ही दिगंबर, ना ही श्वेतांबर परंपरा में। दंड की गिनती (जैसे 3, 5, 9 नवकार) अगर कहीं होती है तो वह स्थानीय संघ/मर्यादा या गुरु‑आदेश पर आधारित होती है, शास्त्रीय अनिवार्यता नहीं।
क्या करें अगर बोलना छूट जाए?
- याद आते ही हाथ जोड़कर विनम्र प्रणाम करें और Navkar मन से/धीरे से 1 या 3 बार जप लें।
- इसे अलोचना में स्वीकार करें और दैनिक प्रतिक्रमण में क्षमा याचना कर लें (Micchāmi Dukkaḍaṁ) और आगे सावधानी का संकल्प लें।
- वाहन चलाते समय या ऐसी स्थिति में जहाँ बोलना/हाथ जोड़ना संभव न हो, मन से नमस्कार कर लें; सुरक्षा प्रथम।
दिगंबर/श्वेतांबर दृष्टि:
- दोनों परंपराएँ दर्शन होते ही नमस्कार की प्रेरणा देती हैं, पर “न बोलने पर फल/दंड की निश्चित गिनती” शास्त्रों में निर्दिष्ट नहीं। स्थानीय मर्यादा हो तो उसी का पालन करें।
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