1 Navkar yane kitne shwashoshwas gine jate hain
सरल उत्तर: 1 नवकार के लिए “कितने श्वास-प्रश्वास” तय किए जाएँ—इसकी कोई निश्चित संख्या आगमों या परम्परागत प्रातिक्रमण-पद्धतियों में निर्धारित नहीं है। श्वास-गणना का प्रयोग जैन साधना में प्रायः कायोत्सर्ग की अवधि नापने के लिए मिलता है, न कि नवकार-मंत्र के एक-एक जप की गिनती तय करने के लिए।
व्यावहारिक परम्परा: कुछ स्थानों पर साधक अपने अभ्यास के अनुसार 1 नवकार को 2–3 श्वास में उच्चारित करते हैं, पर यह केवल व्यक्तिगत/स्थानीय अभ्यास है, शास्त्रीय नियम नहीं। इसलिए मुख्य बल अर्थ-भाव, उच्चारण-शुद्धि और एकाग्रता पर रखा जाता है, न कि श्वासों की निश्चित संख्या पर।