पोरसी के pchkan लेने के बाद पानी पी सकते हैं उसके बाद एकासना या उपवास के pacckan ले सकते है
संक्षिप्त व स्पष्ट उत्तर
- “पोर्सी” का अर्थ है—सूर्योदय के लगभग 3 घड़ी (लगभग 3 घंटे) बाद भोजन करना। “पच्चक्काण/पच्खन” = उस दिन का स्पष्ट संकल्प।
- आपने यदि “पोर्सी का पच्चक्काण” ले लिया है, तो उसके अनुरूप व्यवहार करें:
क्या बाद में एकासन/उपवास का पच्चक्काण ले सकते हैं?
- हाँ, हल्के संकल्प से “उत्कर्ष” (कठोरता बढ़ाना) किया जा सकता है। यानी पोर्सी का पच्चक्काण लिया हो, तब भी भोजन से पहले आप नया पच्चक्काण लेकर उसी दिन “एकासन” या “उपवास” कर सकते हैं।
- जो कुछ पहले ही ग्रहण कर लिया है, वह हो चुका मानकर आगे से नए पच्चक्काण के नियम पूरी शुद्धता से रखें।
पानी के बारे में
- एकासन: परंपरागत रूप से दिन में एक ही बैठकर भोजन; पानी प्रायः उबला/छना ही, और कुछ लोग उसे भी सीमित रखते हैं।
- उपवास: परंपरा के अनुसार भेद हैं—
व्यवहारिक मार्गदर्शन
- यदि सुबह पोर्सी का पच्चक्काण लेकर आपने दिन में उबला पानी पी लिया है, तो बाद में “एकासन” का पच्चक्काण लेना ठीक है।
- उसी दिन “निरजल उपवास” में बदलना हो तो पहले से लिया पानी बाधक होगा; ऐसी स्थिति में “उबले पानी सहित उपवास/तिविहार” का पच्चक्काण लें और आगे से नियम न तोड़ें।
- सूर्योदय के बाद 2 घड़ी (लगभग 48 मिनट) तक भोजन/पानी न लेना—यह भी सामान्य मर्यादा में ध्यान रखा जाता है।
हमेशा अपनी स्थानीय संघ‑मर्यादा/गुरुदेव के निर्देश को प्रधान मानें। अधिक विस्तार और पच्चक्काण के नमूने देखने के लिए: