तिविहार ka matalab
“तिविहार” (Tivihaar/Tivihar) का सरल अर्थ: “तीन प्रकार का संयम/त्याग”।
जैन परम्परा में इसका प्रयोग दो तरह से अधिक होता है:
- तिविहार उपवास: तीन त्याग—भोजन का पूर्ण त्याग, (उबला) पानी केवल दिन में; रात में कुछ भी न लेना। इसे सामान्य बोलचाल में “पानी वाला उपवास” भी कहते हैं, जबकि “चौविहार” में भोजन और पानी—दोनों का त्याग होता है।
- तिविहार पचक्खण: तीन बातों का कठोर संयम लेने का संकल्प (जैसे भोजन न लेना, पानी न लेना/सीमा, और अनावश्यक गमन न करना—प्रचलनानुसार)। इसका उद्देश्य हिंसा-परिमाण घटाना और आत्मसंयम बढ़ाना है।
नोट:
- “तिविहार” का शाब्दिक आधार “त्रिविध” (तीन-गुण) + “विहार/व्यवहार” है; अलग-अलग परम्पराओं/स्थानीय रीति में उसके पालन की सूक्ष्म भिन्नताएँ मिल सकती हैं, पर भावना एक ही है—अहिंसा और संयम की वृद्धि।